विशेष अभियान 5.0 की सफलता के आधार पर, कोयला मंत्रालय ने विशेष अभियान 6.0 के लिए कमर कस ली
कोयला मंत्रालय ने ई-कचरे के निपटान पर विशेष जोर देते हुए 2 से 31 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित होने वाले विशेष अभियान 6.0 की शुरुआत की घोषणा की है। यह विशेष अभियान 5.0 की सफलता के बाद आया है, जहां मंत्रालय खाली कराई गई जगह और कबाड़ के निपटान से अर्जित राजस्व में शीर्ष प्रदर्शन करने वाला बनकर उभरा। आगामी अभियान की तैयारियों के तहत 1 सितंबर, 2026 को बैठकें आयोजित की गईं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
इस प्रेस विज्ञप्ति में सरकारी स्वच्छता अभियानों, कोयला मंत्रालय की उपलब्धियों, DARPG रिपोर्ट की रैंकिंग और कबाड़ निपटान के विशिष्ट आंकड़ों से संबंधित तथ्यात्मक डेटा शामिल है, जो यूपीएससी, एसएससी और बैंकिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछा जा सकता है।
सरल शब्दों में
कोयला मंत्रालय विशेष अभियान 6.0 की तैयारी कर रहा है, जो ई-कचरे के संग्रहण, पृथक्करण और निपटान पर मुख्य ध्यान देने के साथ 2 से 31 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित किया जाएगा। यह विशेष अभियान 5.0 के बाद है, जहां मंत्रालय ने कबाड़ के निपटान से जगह खाली कराने और राजस्व अर्जित करने में शीर्ष स्थान हासिल किया।
विशेष अभियान 5.0 के दौरान, मंत्रालय ने विशाल क्षेत्रों की सफाई की, हजारों मीट्रिक टन कबाड़ का निपटान किया और पर्याप्त राजस्व उत्पन्न किया। एमसीएल में कबाड़ से 'चार धाम' मूर्तियों और डब्ल्यूसीएल द्वारा 'अंगारा' शुभंकर के निर्माण जैसी नवीन पहलों पर भी प्रकाश डाला गया। अगले अभियान के लिए तैयारी बैठकें 1 सितंबर, 2026 को आयोजित की गईं।
मुख्य बिंदु
- विशेष अभियान 6.0 की अवधि 2 से 31 अक्टूबर, 2026 तक निर्धारित है।
- विशेष अभियान 6.0 ई-कचरे के प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण और निपटान पर जोर देता है।
- विशेष अभियान 5.0 के दौरान 1.13 करोड़ वर्ग फीट से अधिक क्षेत्र की सफाई की गई और 14,017 मीट्रिक टन से अधिक कबाड़ का निपटान किया गया, जिससे ₹56.85 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ।
- DARPG रिपोर्ट के अनुसार, विशेष अभियान 5.0 के दौरान कोयला मंत्रालय 'स्पेस फ्रीड' (जगह खाली कराने) की श्रेणी में शीर्ष प्रदर्शन करने वाला और 'राजस्व अर्जित' करने में तीसरे स्थान पर उभरा।
- एमओसी ने सार्वजनिक शिकायतों और पीएमओ संदर्भों का 100% निपटान हासिल किया।
- एमसीएल के ओरिएंट क्षेत्र के इको पार्क में 7 से 8 टन salvaged सामग्रियों से तैयार चार धाम की मूर्तियां हैं।
- कोल इंडिया लिमिटेड का शुभंकर 'अंगारा' डब्ल्यूसीएल की सेंट्रल वर्कशॉप ताडाली द्वारा लोहे के कबाड़ से गढ़ा गया है।
- विशेष अभियान 6.0 के लिए तैयारी बैठकें 1 सितंबर, 2026 को आयोजित की गईं।
परीक्षा दृष्टिकोण
A. 2 – 31 अक्टूबर, 2026
Source: Press Information Bureau