भूमि संसाधन विभाग DILRMP 3.0 के लिए परिचालन दिशानिर्देश लॉन्च करेगा; भूमि अभिलेखों के ₹565.50 करोड़ के डिजिटल ओवरहाल की घोषणा
भूमि संसाधन विभाग ₹565.50 करोड़ के वित्तीय परिव्यय के साथ DILRMP 3.0 (2026-2031) के लिए परिचालन दिशानिर्देश लॉन्च कर रहा है। यह केंद्रीय क्षेत्र की योजना भूमि शासन को जीआईएस-सक्षम 'लैंड स्टैक' डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर की ओर ले जाती है, जो नक्शे, स्वामित्व, पंजीकरण और अदालती मामलों को एकीकृत करती है। प्रमुख हस्तक्षेपों में यूनिवर्सल भू-आधार (ULPIN), मानचित्र डिजिटलीकरण, कागज़ रहित संपत्ति पंजीकरण, सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों का आधुनिकीकरण और एकीकृत राजस्व अदालतें शामिल हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह प्रेस विज्ञप्ति सरकारी योजनाओं, डिजिटल शासन और प्रशासनिक सुधारों से जुड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रासंगिक है।
सरल शब्दों में
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधीन भूमि संसाधन विभाग 10 सितंबर 2026 को DILRMP 3.0 (2026-2031) के परिचालन दिशानिर्देश जारी कर रहा है। ₹565.50 करोड़ के वित्तीय परिव्यय वाली यह पांच वर्षीय केंद्रीय क्षेत्र की योजना सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू की जाएगी।
यह पहल भूमि रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया को जीआईएस-सक्षम 'लैंड स्टैक' डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर में बदलती है। मुख्य विशेषताओं में यूनिवर्सल भू-आधार (प्रत्येक भूमि पार्सल के लिए 14 अंकों का ULPIN), मानचित्र जियोरेफरेंसिंग, कागज़ रहित पंजीकरण, आधुनिक सब-रजिस्ट्रार कार्यालय और एकीकृत राजस्व अदालतें शामिल हैं।
मुख्य बिंदु
- विभाग: भूमि संसाधन विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय
- कार्यक्रम: DILRMP 3.0 (2026–2031)
- लॉन्च तिथि: गुरुवार, 10 सितंबर 2026, शाम 6:30 बजे
- वित्तीय परिव्यय: केंद्रीय क्षेत्र की योजना के रूप में ₹565.50 करोड़
- मुख्य दृष्टिकोण: जीआईएस-सक्षम लैंड स्टैक डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर
- यूनिवर्सल भू-आधार (ULPIN): देश में प्रत्येक भूमि पार्सल के लिए 14 अंकों की अनूठी पहचान संख्या
- सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों का उन्नयन: ₹37.5 करोड़ के परिव्यय के साथ 75 SRO को 'रजिस्ट्री सेवा केंद्रों' में बदलना
- विवाद प्रबंधन: एकीकृत राजस्व अदालतें (RCCMS) प्रणाली
परीक्षा दृष्टिकोण
A. ₹565.50 करोड़
Source: Press Information Bureau