डीआरआई ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई में असम में 86 जीवित टोके गीको (Tokay Geckos) जब्त किए; दो गिरफ्तार
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के अधिकारियों ने 22 सितंबर 2026 को असम में दो व्यक्तियों को रोककर 86 जीवित टोके गीको जब्त किए। अवैध वन्यजीव तस्करी के खिलाफ एक अभियान के दौरान इन लुप्तप्राय जानवरों को बरामद किया गया और बाद में स्थानीय वन कार्यालय को सौंप दिया गया। इस कार्रवाई के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह प्रेस विज्ञप्ति कानून प्रवर्तन कार्रवाइयों, वन्यजीव संरक्षण कानूनों जैसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972, और डीआरआई जैसी एजेंसियों द्वारा तस्करी विरोधी अभियानों पर नज़र रखने वाले प्रतियोगी परीक्षा के उम्मीदवारों के लिए प्रासंगिक है।
सरल शब्दों में
22 सितंबर 2026 को राजस्व खुफिया निदेशालय ने अवैध वन्यजीव व्यापार के बारे में एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई की। उन्होंने असम के मरियानी में दो लोगों को रोका और उनके कब्जे से 86 जीवित टोके गीको बरामद किए।
बरामद किए गए गीको वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची I और CITES के परिशिष्ट-II के तहत संरक्षित एक लुप्तप्राय प्रजाति हैं। आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संदिग्धों और जानवरों को मरियानी रेंज वन कार्यालय को सौंप दिया गया।
मुख्य बिंदु
- शामिल एजेंसी: डीआरआई (राजस्व खुफिया निदेशालय)
- कार्रवाई की तिथि: 22.09.2026
- स्थान: बंदर चालिया गांव ग्राउंड, मरियानी, असम
- बरामद जीवित जानवरों की संख्या: 86 टोके गीको
- गिरफ्तार व्यक्ति: दो
- कानूनी संरक्षण: वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची I और CITES का परिशिष्ट-II
- किसे सौंपा गया: मरियानी रेंज वन कार्यालय, असम
- तस्करी का कारण: कथित औषधीय गुण और विदेशी पालतू जानवरों के रूप में मांग
परीक्षा दृष्टिकोण
A. 86 जीवित टोके गीको
Source: Press Information Bureau