सही विज्ञान, नीति और बाजार समर्थन से शुष्क भूमि एक बड़ी ताकत बन सकती है: केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में ड्राईलैंड कांग्रेस 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि विज्ञान, नीति और बाजार समर्थन से शुष्क भूमि भारत और अन्य क्षेत्रों के लिए एक बड़ी ताकत बन सकती है। तीन दिवसीय इस आयोजन में 25 से अधिक देशों के 800 से अधिक प्रतिनिधि लचीले कृषि समाधानों और किसानों की आजीविका पर चर्चा कर रहे हैं। उद्घाटन सत्र के दौरान मंत्री ने कृषि अनुसंधान और ICRISAT की यात्रा से जुड़ी प्रमुख प्रकाशनों का भी विमोचन किया।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
ड्राईलैंड कांग्रेस 2026 के विवरण, प्रतिभागी प्रतिनिधियों, प्रमुख वक्ताओं, लॉन्च किए गए प्रकाशनों और कृषि पर ministerial statements से जुड़े प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं।
सरल शब्दों में
केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में ड्राईलैंड कांग्रेस 2026 में कहा कि शुष्क भूमि को कमजोरी नहीं समझना चाहिए। सही विज्ञान, नीति और बाजार समर्थन से यह भारत, अफ्रीका और अन्य समान चुनौतियों का सामना कर रहे क्षेत्रों के लिए एक बड़ी ताकत बन सकती है।
तीन दिवसीय इस कांग्रेस में 25 देशों के 800 से अधिक प्रतिनिधि फसल लचीलेपन, पोषण और टिकाऊ खेती पर चर्चा कर रहे हैं। इस कार्यक्रम के दौरान ICRISAT के पांच दशकों के कार्यों और शोध प्रोफाइल को दर्शाने वाली कई प्रकाशन सामग्रियां लॉन्च की गईं।
मुख्य बिंदु
- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने ड्राईलैंड कांग्रेस 2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया।
- यह आयोजन 10 सितंबर 2026 से राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर (NASC), नई दिल्ली में हो रहा है।
- इस कांग्रेस में 25 से अधिक देशों के 800 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए हैं।
- श्री शिवराज सिंह चौहान ने 'Transforming the Drylands: The ICRISAT Journey' प्रकाशन का विमोचन किया।
- ड्राईलैंड कांग्रेस 2026 एब्स्ट्रैक्ट बुक और ICRISAT रिसर्च एंड कॉरपोरेट प्रोफाइल भी लॉन्च किए गए।
- उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता DARE के पूर्व सचिव और ICAR के पूर्व महानिदेशक डॉ. आर. एस. परोदा ने की।
- किसानों के दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व पद्म श्री पुरस्कार विजेता और किसान भिकिया लाडकिया ढिंडा ने किया।
- पहले दिन के तकनीकी सत्रों में आनुवंशिक लाभ, जलवायु लचीलापन और बेहतर आहार जैसे विषय शामिल थे।
परीक्षा दृष्टिकोण
A. राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर (NASC), नई दिल्ली
Source: Press Information Bureau