लत और संकट से रिकवरी और स्थिरता तक: काउंसलिंग और पुनर्वास के माध्यम से देव एम की यात्रा
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की यह प्रेस विज्ञप्ति अकोला जिला, महाराष्ट्र के 29 वर्षीय देव एम की पुनर्वास यात्रा को रेखांकित करती है। पुरोगामी भैय्युप्रसाद समाज कल्याण विकास व्यायाम प्रसार संस्था नामक एकीकृत पुनर्वास केंद्र (IRCA) के माध्यम से उन्हें मुफ्त चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक चिकित्सा, पारिवारिक काउंसलिंग और सहायता प्राप्त हुई, जिससे उन्हें लत से उबरने और अपने व्यक्तिगत तथा व्यावसायिक जीवन को स्थिर करने में मदद मिली।
सरल शब्दों में
नशे की लत किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ पारिवारिक संबंधों, आजीविका, भावनात्मक भलाई और सामाजिक स्थिति को भी प्रभावित कर सकती है। समय पर काउंसलिंग, चिकित्सा और निरंतर फॉलो-अप से व्यक्ति को लत से जुड़े ट्रिगर्स को समझने और रिकवरी की ओर बढ़ने में मदद मिलती है।
अकोला, महाराष्ट्र के 29 वर्षीय देव एम को 5 अक्टूबर 2025 को IRCA के माध्यम से सहायता प्राप्त हुई। इस हस्तक्षेप में मुफ्त चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक चिकित्सा, पारिवारिक काउंसलिंग और तनाव प्रबंधन तकनीकें शामिल थीं, जिससे उन्हें बेहतर भावनात्मक नियंत्रण और स्थिरता प्राप्त करने में मदद मिली।
मुख्य बिंदु
- मंत्रालय: सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय
- लाभार्थी: देव एम (ब बदला हुआ नाम), अकोला जिला, महाराष्ट्र के ओबीसी समुदाय से 29 वर्षीय स्व-नियोजित पुरुष
- स्थान: अकोला जिला, महाराष्ट्र
- पुनर्वास केंद्र: पुरोगामी भैय्युप्रसाद समाज कल्याण विकास व्यायाम प्रसार संस्था (नशा पीड़ितों के लिए एकीकृत पुनर्वास केंद्र - IRCA)
- सहायता तिथि: 5 अक्टूबर 2025
- प्रदान की गई सेवाएं: मुफ्त चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक थेरेपी, पारिवारिक काउंसलिंग, लत से संबंधित दवाएं, उपचार के दौरान मुफ्त भोजन और नियमित फॉलो-अप सेवाएं
- काउंसलिंग तकनीक: व्यक्तिगत, समूह और पारिवारिक सत्र, गहरी सांस लेने के व्यायाम, दैनिक गतिविधि डायरी रखना और नियमित शारीरिक व्यायाम
परीक्षा दृष्टिकोण
A. 5 अक्टूबर 2025
Source: Press Information Bureau