सफाई कर्मचारी से आत्मनिर्भरता तक: मशीनीकृत स्वच्छता के माध्यम से श्री हरीश चंद्र पर्वत की यात्रा
यह प्रेस विज्ञप्ति 46 वर्षीय सफाई पेशेवर श्री हरीश चंद्र पर्वत की यात्रा का विवरण देती है, जिन्होंने स्वच्छता उद्यमी योजना (SUY) के तहत सहायता के माध्यम से अपनी आजीविका में सुधार किया और अपने बच्चों की उच्च शिक्षा का समर्थन किया। 26 नवंबर 2021 को वित्तीय सहायता मिलने पर, उन्होंने एक ट्रैक्टर-कम-सक्शन मशीन खरीदी, जिससे उनकी मासिक कमाई ₹13,000-₹14,000 से बढ़कर ₹40,000-₹45,000 हो गई।
सरल शब्दों में
बिहार के सीवान जिले के एक सफाई पेशेवर श्री हरीश चंद्र पर्वत ने वर्षों तक ₹13,000-₹14,000 की मामूली आय के साथ संघर्ष किया, जो बमुश्किल घरेलू जरूरतों, किराए और परिवार के समर्थन को कवर करती थी।
26 नवंबर 2021 को स्वच्छता उद्यमी योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त करने के बाद, उन्होंने एक ट्रैक्टर-कम-सक्शन मशीन खरीदी। इससे उनकी मासिक आय ₹40,000-₹45,000 हो गई, जिससे वे अपने परिवार को दिल्ली ले आए, ऋण किस्तों का भुगतान करने लगे और अपने बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च उठाने लगे।
“The biggest achievement of my life is seeing my children pursuing higher education and moving towards a brighter future. Today, I am gradually repaying my loan and moving ahead with confidence and dignity.”
मुख्य बिंदु
- श्री हरीश चंद्र पर्वत बिहार के सीवान जिले के 46 वर्षीय सफाई पेशेवर हैं।
- उन्हें स्वच्छता उद्यमी योजना (SUY) के तहत सहायता प्राप्त हुई।
- वित्तीय सहायता 26 नवंबर 2021 को जारी की गई थी।
- उनके उपकरण की कुल परियोजना लागत ₹9,75,400 थी, जिसमें ₹6,06,550 का ऋण और ₹3,68,850 की अग्रिम पूंजी सब्सिडी शामिल थी।
- मशीनीकृत उपकरण मिलने के बाद उनकी मासिक कमाई लगभग ₹13,000-₹14,000 से बढ़कर लगभग ₹40,000-₹45,000 हो गई।
- वे साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में गाजियाबाद नगर निगम के तहत ट्रैक्टर-कम-सक्शन मशीन संचालित करते हैं।
- 27 मई 2026 तक, उनकी शेष ऋण राशि ₹1,27,490 थी।
- उनके तीनों बच्चे दिल्ली में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
परीक्षा दृष्टिकोण
A. स्वच्छता उद्यमी योजना (SUY)
Source: Press Information Bureau