GeM और वस्त्र समिति ने पुनर्नवीनीकृत एवं अपसाइकल्ड वस्त्रों की खरीद बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
गवर्नमेंट ई मार्केटप्लेस (GeM) और वस्त्र समिति ने मुंबई में वस्त्र समिति के 62वें स्थापना दिवस के अवसर पर पुनर्नवीनीकृत और अपसाइकल्ड वस्त्र उत्पादों की सरकारी खरीद को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिससे परिपत्र वस्त्र अर्थव्यवस्था के लिए एक 'वेस्ट-टू-वैल्यू-टू-मार्केट' पारिस्थितिकी तंत्र तैयार होगा।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह UPSC और राज्य-PSC अभ्यर्थियों के लिए प्रासंगिक है जो सरकारी ई-मार्केटप्लेस पहलों, परिपत्र अर्थव्यवस्था नीति, और वोकल फॉर लोकल एवं मेक इन इंडिया के तहत MSMEs का समर्थन करने वाली योजनाओं का अध्ययन कर रहे हैं।
सरल शब्दों में
गवर्नमेंट ई मार्केटप्लेस (GeM) और वस्त्र समिति ने मुंबई में वस्त्र समिति के 62वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान वस्त्र अपशिष्ट और पुराने कपड़ों से बने पुनर्नवीनीकृत एवं अपसाइकल्ड वस्त्र उत्पादों की सरकारी खरीद को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
समझौता ज्ञापन के तहत, वस्त्र समिति योग्य उत्पादकों की पहचान, सत्यापन और प्रमाणन करेगी, जबकि GeM समर्पित खरीद श्रेणियां तैयार करेगा, जिसमें महिलाओं, MSMEs, कारीगरों और रीसाइक्लरों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जो वोकल फॉर लोकल, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के अनुरूप है।
मुख्य बिंदु
- GeM (वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय) और वस्त्र समिति (वस्त्र मंत्रालय) ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
- मुंबई में वस्त्र समिति के 62वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान हस्ताक्षर किए गए
- पुनर्नवीनीकृत और अपसाइकल्ड वस्त्र उत्पादों के लिए 'वेस्ट-टू-वैल्यू-टू-मार्केट' पारिस्थितिकी तंत्र बनाने का लक्ष्य
- वस्त्र समिति योग्य उत्पादकों की पहचान, सत्यापन और प्रमाणन करेगी
- GeM पुनर्नवीनीकृत/अपसाइकल्ड वस्त्र उत्पादों के लिए समर्पित खरीद श्रेणियां तैयार करेगा
- महिलाओं, MSMEs, स्थानीय उद्यमों, कारीगरों और रीसाइक्लरों पर ध्यान केंद्रित
- वोकल फॉर लोकल, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत प्राथमिकताओं के अनुरूप
परीक्षा दृष्टिकोण
A. एक 'वेस्ट-टू-वैल्यू-टू-मार्केट' पारिस्थितिकी तंत्र।
Source: Press Information Bureau