IIWW 2026: भारत और नीदरलैंड ने जल क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत किया
भारत और नीदरलैंड ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में 9वें इंडिया इंटरनेशनल वाटर वीक (IIWW) 2026 के इतर जल पर रणनीतिक साझेदारी पर एक द्विपक्षीय बैठक की। गुजरात में कल्पसर परियोजना के लिए तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने के वास्ते भारतीय निकायों और डच संस्थानों डेल्टास (Deltares) तथा टीयू डे Delft (TU Delft) के बीच दो त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। इस परियोजना का उद्देश्य विशिष्ट नदियों के बहाव और नर्मदा नदी के पानी का उपयोग करके एक मीठे पानी का जलाशय बनाना है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह प्रेस विज्ञप्ति द्विपक्षीय समझौतों, अंतर्राष्ट्रीय जल क्षेत्र सहयोग और भारत तथा नीदरलैंड से जुड़ी प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं जैसे कल्पसर परियोजना पर नजर रखने वाले प्रतियोगी परीक्षा के उम्मीदवारों के लिए प्रासंगिक है।
सरल शब्दों में
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल और नीदरलैंड के बुनियादी ढांचा और जल प्रबंधन उप मंत्री महामहिम श्री जाप स्लूटमेकर ने नई दिल्ली में 9वें इंडिया इंटरनेशनल वाटर वीक (IIWW) 2026 के दौरान जल सहयोग पर एक द्विपक्षीय बैठक की सह-अध्यक्षता की। चर्चाओं का मुख्य केंद्र गुजरात में कल्पसर परियोजना के लिए आपसी संबंधों को मजबूत करना और तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाना था।
केंद्रीय जल आयोग, गुजरात सरकार के कल्पसर विभाग और डच संस्थानों डेल्टास तथा टीयू डेल्फ्ट के बीच दो त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। कल्पसर परियोजना में नदी के पानी के बहाव और नर्मदा के पानी का उपयोग करके एक मीठे पानी का जलाशय बनाने की योजना है, जिसमें इंजीनियरिंग, बाढ़ सुरक्षा और जल प्रबंधन में डच विशेषज्ञता का लाभ उठाया जाएगा।
मुख्य बिंदु
- द्विपक्षीय बैठक 9वें इंडिया इंटरनेशनल वाटर वीक (IIWW) 2026 के इतर नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित की गई थी।
- इस बैठक की सह-अध्यक्षता जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल और नीदरलैंड के बुनियादी ढांचा एवं जल प्रबंधन उप मंत्री महामहिम श्री जाप स्लूटमेकर ने की।
- केंद्रीय जल आयोग, गुजरात सरकार के कल्पसर विभाग और डच संस्थानों डेल्टास तथा टीयू डेल्फ्ट के बीच कल्पसर परियोजना के लिए दो त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।
- कल्पसर परियोजना पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मई 2026 की नीदरलैंड यात्रा के दौरान चर्चा की गई थी, जिसके बाद 16 मई 2026 को तकनीकी सहयोग के लिए आशय पत्र पर हस्ताक्षर हुए थे।
- कल्पसर परियोजना में साबरमती, माही और ढाधर नदियों के बहाव तथा नर्मदा नदी से लाए गए पानी का उपयोग करके मीठे पानी का जलाशय बनाने की परिकल्पना की गई है।
- बाढ़ से सुरक्षा, तटीय बुनियादी ढांचे, हाइड्रोलिक मॉडलिंग और डाइक प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में जानकारी प्राप्त करने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने जुलाई 2026 में नीदरलैंड का दौरा किया था।
- डच अफस्लुइटडिज्क (Afsluitdijk) परियोजना के साथ उपयोगी इंजीनियरिंग और जल प्रबंधन समानताएं साझा करता है।
- डच संस्थान डेल्टास और टीयू डेल्फ्ट तकनीकी समीक्षा, हाइड्रोलिक और हाइड्रोलॉजिकल मॉडलिंग, जलवायु लचीलेपन और क्षमता निर्माण में अपनी विशेषज्ञता का योगदान देंगे।
परीक्षा दृष्टिकोण
A. डेल्टास (Deltares) और टीयू डेल्फ्ट (TU Delft)
Source: Press Information Bureau