आईएनएस कुलिश पूर्वी बेड़े के परिचालन तैनाती के तहत कंबोडिया के रीम नौसेना बेस पहुंचा
भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े के परिचालन तैनाती के हिस्से के रूप में आईएनएस कुलिश 12 सितंबर 2026 को कंबोडिया के रीम नौसेना बेस पर पहुंचा। इस यात्रा का उद्देश्य समुद्री सहयोग को मजबूत करना और भारतीय नौसेना तथा रॉयल कंबोडिया नौसेना के बीच पेशेवर संबंधों को बढ़ाना है। यह पोर्ट कॉल भारत की एक्ट ईस्ट नीति, महासागर दृष्टिकोण और खुले इंडो-पैसिफिक को बढ़ावा देने के प्रयासों के अनुरूप है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह प्रतियोगी परीक्षा के उन उम्मीदवारों के लिए प्रासंगिक है जो द्विपक्षीय नौसेना यात्राओं, रक्षा सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की रणनीतिक नीतियों पर नजर रखते हैं।
सरल शब्दों में
भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े का हिस्सा आईएनएस कुलिश, 12 सितंबर 2026 को कंबोडिया के रीम नौसेना बेस पर पहुंचा। इस तैनाती का उद्देश्य भारतीय नौसेना और रॉयल कंबोडिया नौसेना के बीच समुद्री सहयोग और पेशेवर संबंधों को मजबूत करना है।
यात्रा के दौरान, जहाज के कार्यक्रम में पेशेवर बातचीत, परिचित दौरे, खेल प्रतियोगिताएं और संरचित नौसेना जुड़ाव शामिल हैं। यह पोर्ट कॉल इंडो-पैसिफिक में समुद्री पहुंच का विस्तार करने, एक्ट ईस्ट नीति और महासागर (MAHASAGAR) दृष्टिकोण का समर्थन करता है।
मुख्य बिंदु
- आईएनएस कुलिश 12 सितंबर 2026 को कंबोडिया के रीम नौसेना बेस पहुंचा।
- यह आगमन भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े के परिचालन तैनाती का हिस्सा था।
- इस यात्रा का उद्देश्य रॉयल कंबोडिया नौसेना के साथ समुद्री सहयोग और पेशेवर संबंधों को मजबूत करना है।
- जहाज का स्वागत रॉयल कंबोडिया नौसेना के प्रतिनिधियों और कंबोडिया में भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने किया।
- कार्यक्रम में पेशेवर बातचीत, परिचित दौरे, खेल और संरचित नौसेना जुड़ाव शामिल हैं।
- यह पोर्ट कॉल इंडो-पैसिफिक में भारत की समुद्री पहुंच का विस्तार करने के प्रयासों का हिस्सा है।
- यह यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट नीति और महासागर (MAHASAGAR) दृष्टिकोण के अनुरूप है।
परीक्षा दृष्टिकोण
A. 12 सितंबर 2026
Source: Press Information Bureau