केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह का हिंदी दिवस 2026 पर संदेश
केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने हिंदी दिवस 2026 के अवसर पर एक संदेश जारी किया, जिसमें भाषाई विविधता को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया गया और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने में हिंदी की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने उल्लेख किया कि हिंदी का विकास तभी सार्थक हो सकता है जब यह सभी भारतीय भाषाओं के सम्मान और संवर्द्धन के साथ आगे बढ़े। उन्होंने स्वामी दयानंद सरस्वती, महात्मा गांधी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों का हवाला दिया जिन्होंने मातृभाषा अलग होने के बावजूद हिंदी को अपनाया। संदेश में तकनीकी प्रगति जैसे एआई-आधारित 'भारती' उपकरण और 'हिंदी शब्द सिंधु' डिजिटल शब्दकोश का भी विवरण दिया गया है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
इस प्रेस विज्ञप्ति में राजभाषा मील के पत्थर, ऐतिहासिक शख्सियतों के योगदान और 'भारती' उपकरण तथा 'हिंदी शब्द सिंधु' जैसी डिजिटल पहलों से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्यात्मक विवरण शामिल हैं, जो प्रतियोगी परीक्षाओं के सामान्य ज्ञान या समसामयिक मामलों के अनुभागों में आ सकते हैं।
सरल शब्दों में
केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने हिंदी दिवस 2026 पर अपने संदेश में भारत की समृद्ध भाषाई विविधता को कमजोरी के बजाय एक मुख्य शक्ति के रूप में सराहा। उन्होंने रेखांकित किया कि हिंदी अन्य भारतीय भाषाओं से प्रतिस्पर्धा किए बिना देश भर में संवाद और समन्वय के लिए एक सेतु का काम करती है। महात्मा गांधी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे नेताओं का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि कई गैर-हिंदीभाषियों ने ऐतिहासिक रूप से इसके प्रचार-प्रसार में योगदान दिया है।
संदेश में शासन, शिक्षा और प्रौद्योगिकी में भारतीय भाषाओं को एकीकृत करने के आधुनिक प्रयासों पर जोर दिया गया है। एआई-आधारित 'भारती' उपकरण और 8.27 लाख से अधिक प्रविष्टियों वाला डिजिटल शब्दकोश 'हिंदी शब्द सिंधु' संचार को बदल रहे हैं। गृह मंत्री ने युवाओं और सभी माता-पिता से अपनी मातृभाषा पर गर्व करने और 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में इसे एक शक्तिशाली साधन के रूप में उपयोग करने का आग्रह किया।
मुख्य बिंदु
- हिंदी दिवस 2026 का संदेश केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा जारी किया गया।
- स्वामी दयानंद सरस्वती ने गुजराती भाषी होने के बावजूद 'सत्यार्थ प्रकाश' हिंदी में लिखा।
- महात्मा गांधी ने 1918 में मद्रास में 'दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा' की स्थापना की।
- नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने बंगालीभाषी होने के बावजूद आज़ाद हिंद फौज की संचार भाषा के रूप में हिंदी को अपनाया और 'जय हिंद' का नारा दिया।
- संविधान सभा ने 14 सितंबर 1949 को हिंदी को भारत संघ की राजभाषा के रूप में अपनाया।
- 'भारती' उपकरण राजभाषा विभाग द्वारा विकसित एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-आधारित उपकरण है।
- 'हिंदी शब्द सिंधु' 8.27 लाख से अधिक प्रविष्टियों वाला एक डिजिटल शब्दकोश है।
- यह वर्ष राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' की रचना की 150वीं वर्षगांठ भी है।
परीक्षा दृष्टिकोण
A. 14 सितंबर 1949
Source: Press Information Bureau