कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने 'महिलाओं के लिए सतत आजीविका का निर्माण' पर 'स्कौशल मंथन' का आयोजन किया
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने 'महिलाओं के लिए सतत आजीविका का निर्माण' विषय पर केंद्रित 'स्किल मंथन' के उद्घाटन सत्र का आयोजन किया। इस वर्चुअल संवाद में उत्तर प्रदेश के मेरठ और बिजनौर तथा आंध्र प्रदेश के एनटीआर जिले की नवीन पहलों को उजागर किया गया।
सरल शब्दों में
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने महिलाओं के लिए सतत आजीविका के निर्माण पर पहले 'स्किल मंथन' सत्र का आयोजन किया। इस वर्चुअल बैठक में उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश के जिला प्रशासनों ने महिलाओं को सशक्त बनाने वाले अपने प्रोजेक्ट्स साझा किए।
मेरठ, बिजनौर और एनटीआर जिले के अधिकारियों ने दिखाया कि कैसे कौशल, उद्यमिता, वित्त और बाजार पहुंच को मिलाकर महिलाओं की मदद की जा सकती है। यह मंच जमीनी स्तर के सफल मॉडलों को साझा करने के लिए बनाया गया है।
“India’s skilling aspirations can only be realised when skill development is driven by local realities. Hyperlocal skilling, aligned to district needs and employment opportunities, is essential to equip our youth with relevant skills and connect them to meaningful livelihoods in a rapidly evolving economy.”
मुख्य बिंदु
- इसका आयोजन कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) द्वारा किया गया।
- उद्घाटन सत्र का विषय 'महिलाओं के लिए सतत आजीविका का निर्माण' था।
- इसमें उत्तर प्रदेश के मेरठ और बिजनौर तथा आंध्र प्रदेश के एनटीआर जिले की पहलों को उजागर किया गया।
- श्री जयंत चौधरी कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं।
- श्रीमती देबाश्री मुखर्जी एमएसडीई की सचिव हैं।
- मेरठ ने बैडमिंटन रैकेट और शटलकॉक उत्पादन में महिलाओं के लिए प्रशिक्षण और रोजगार मॉडल दिखाया।
- बिजनौर ने ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए विदुर प्रेरणा स्वदेशी का प्रदर्शन किया।
- एनटीआर जिले ने महिला उद्यमों के लिए एक-स्टॉप इकोसिस्टम के रूप में RISE को प्रदर्शित किया।
परीक्षा दृष्टिकोण
A. कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय
Source: Press Information Bureau