एनएचएआई ने हाई-स्पीड राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारों के विकास में प्रौद्योगिकी एकीकरण और स्थिरता को मजबूत करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने एक्सप्रेसवे के अलावा अन्य हाई-स्पीड एक्सेस-नियंत्रित राष्ट्रीय राजमार्गों की योजना और डिजाइन के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये नए दिशा-निर्देश सभी आगामी चार और छह-लेन ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड हाई-स्पीड एक्सेस-नियंत्रित राष्ट्रीय राजमार्गों पर लागू होंगे।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
स्रोत में प्रत्यक्ष प्रतियोगी परीक्षा के संदर्भ का अभाव है, लेकिन एनएचएआई नीतिगत घोषणाओं, बुनियादी ढांचा विकास और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की पहलों से संबंधित प्रश्न सरकारी नौकरी की परीक्षाओं में आ सकते हैं।
सरल शब्दों में
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने एक्सप्रेसवे को छोड़कर हाई-स्पीड एक्सेस-नियंत्रित राष्ट्रीय राजमार्गों की योजना और डिजाइन के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये नियम सभी आगामी चार और छह-लेन ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड कॉरिडोर पर लागू होंगे।
दिशा-निर्देश डेटा-संचालित ट्रैफिक प्लानिंग, एआई-सहायित निर्माण, मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग, ड्रिप सिंचाई के साथ पर्यावरण भूनिर्माण और व्यापक जल निकासी प्रणालियों पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
मुख्य बिंदु
- एनएचएआई ने एक्सप्रेसवे के अलावा अन्य हाई-स्पीड एक्सेस-नियंत्रित राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए।
- दिशा-निर्देश सभी आगामी चार और छह-लेन ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड हाई-स्पीड एक्सेस-नियंत्रित राष्ट्रीय राजमार्गों पर लागू होंगे।
- ट्रैफिक अनुमानों में मौजूदा और डायवर्टेड ट्रैफिक, माल ढुलाई वृद्धि और टोल डेटा शामिल होंगे।
- तटबंधों और राजमार्ग पक्की सड़कों के निर्माण के लिए स्वचालित और बुद्धिमान मशीन-सहायित निर्माण (AI-MC) तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
- हाई-स्पीड कॉरिडोर पर मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग प्रणाली स्थापित की जाएगी।
- ड्रिप सिंचाई के साथ परियोजना योजना के अभिन्न अंग के रूप में भूनिर्माण और वृक्षारोपण शामिल किया जाएगा।
- व्यापक जल निकासी योजना और जल संचयन संरचनाएं डीपीआर प्रक्रिया का हिस्सा होंगी।
परीक्षा दृष्टिकोण
A. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI)
Source: Press Information Bureau