पीएम मोदी के निर्देश पर, बाढ़ और फसल नुकसान का जायजा लेने बिहार पहुंचे शिवराज सिंह चौहान
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों पर बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और जमीनी स्थिति का जायजा लिया। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय अधिकारियों के साथ उन्होंने हाजीपुर, वैशाली, मुंगेर और भागलपुर में बाढ़ की स्थिति की व्यापक समीक्षा की। चौहान ने प्रभावित परिवारों को आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार बिहार के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है और इस संकट से उबरने के लिए हरसंभव वित्तीय और बुनियादी ढांचे का समर्थन प्रदान करेगी।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए भारत में केंद्रीय मंत्रियों के दौरे, आपदा प्रबंधन प्रतिक्रिया और SDRF तथा NDRF जैसे राहत तंत्रों से जुड़ी एक समसामयिक घटना के रूप में प्रासंगिक है।
सरल शब्दों में
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री के निर्देशों पर फसल के नुकसान और जमीनी हालात की समीक्षा के लिए बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। नाव और ट्रैक्टर से यात्रा करते हुए उन्होंने हाजीपुर, वैशाली, मुंगेर और भागलपुर में जलमग्न खेतों का निरीक्षण किया।
गंगा और अन्य नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण आई यह बाढ़ 2016 की बाढ़ से लगभग एक फीट ऊंची है, जिससे लगभग 50 लाख लोग सीधे प्रभावित हुए हैं और मक्का तथा केला की फसलें बुरी तरह नष्ट हुई हैं। केंद्र और राज्य सरकारें डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में पैसे भेजने और चिकित्सा सहायता सहित राहत प्रदान कर रही हैं, तथा एक केंद्रीय टीम विस्तृत नुकसान का आकलन करेगी।
मुख्य बिंदु
- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
- यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों पर किया गया था।
- श्री चौहान के साथ बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी और वरिष्ठ अधिकारी भी थे।
- इस समीक्षा में हाजीपुर, वैशाली, मुंगेर और भागलपुर के क्षेत्र शामिल थे।
- प्रभावित क्षेत्रों में जलस्तर 2016 की ऐतिहासिक बाढ़ की तुलना में लगभग एक फीट ऊंचा है।
- लगभग 50 लाख लोग सीधे प्रभावित हुए हैं, और केला तथा मक्का की फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
- राज्य सरकार डीबीटी के माध्यम से प्रत्येक प्रभावित परिवार के बैंक खातों में सीधे 7,000 रुपये हस्तांतरित कर रही है।
- राष्ट्रीय आपदा मोचन कोष के तहत सहायता के लिए एक विस्तृत अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम नुकसान का आकलन करेगी।
परीक्षा दृष्टिकोण
A. 7,000 रुपये
Source: Press Information Bureau