भारत की राष्ट्रपति ने नई दिल्ली में एनजीटी के 'पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य' विषय पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित किया
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के 'पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य' विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने बताया कि भारत ने अपने 50 प्रतिशत गैर-जीवाश्म क्षमता के लक्ष्य को समय से पांच साल पहले ही प्राप्त कर लिया है, और वर्तमान में गैर-जीवाश्म स्रोतों की हिस्सेदारी स्थापित उत्पादन क्षमता का लगभग 55 प्रतिशत है। इस दो दिवसीय सम्मेलन में 17 देशों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ यूनेप और एशियाई विकास बैंक ने हिस्सा लिया।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह भारत के पर्यावरणीय मील के पत्थर, ऊर्जा लक्ष्यों और प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों के बयानों से संबंधित करेंट अफेयर्स के लिए उपयोगी है।
सरल शब्दों में
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित किया। उन्होंने पर्यावरण शासन को मजबूत करने में एनजीटी की भूमिका की सराहना की और पारंपरिक ज्ञान पर आधारित समुदाय-केंद्रित दृष्टिकोण पर जोर दिया।
केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने बताया कि भारत ने अपना 50 प्रतिशत गैर-जीवाश्म ऊर्जा लक्ष्य पांच साल पहले ही हासिल कर लिया है, और अब गैर-जीवाश्म स्रोत लगभग 55 प्रतिशत क्षमता रखते हैं। इस सम्मेलन में एनजीटी की स्मारिका 'हरित न्यायम्' का विमोचन भी किया गया।
मुख्य बिंदु
- राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने एनजीटी के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित किया।
- सम्मेलन का शीर्षक 'पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य' था और यह नई दिल्ली में आयोजित किया गया।
- केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने बताया कि गैर-जीवाश्म स्रोतों की हिस्सेदारी स्थापित क्षमता का लगभग 55 प्रतिशत है।
- भारत ने अपना 50 प्रतिशत गैर-जीवाश्म क्षमता लक्ष्य समय से पांच साल पहले हासिल कर लिया है।
- श्री मनोहर लाल ने एनजीटी की स्मारिका 'हरित न्यायम्' का विमोचन किया।
- इस दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 19.09.2026 को किया गया था।
- सम्मेलन में 17 देशों, यूनेप (UNEP) और एशियाई विकास बैंक के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
- सम्मेलन में ग्रहीय पर्यावरणीय चुनौतियों और वन संरक्षण पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए।
परीक्षा दृष्टिकोण
A. हरित न्यायम्
Source: Press Information Bureau