प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने “पर्यावरण और जलवायु गतिकी का भविष्य” विषयक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में "पर्यावरण और जलवायु गतिकी का भविष्य" अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने आधुनिक जलवायु समाधानों को आकार देने वाली भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डाला, विकासशील देशों पर कार्बन उत्सर्जन का गलत वैश्विक आख्यान थोपने की आलोचना की, और पिछले 12 वर्षों में अक्षय ऊर्जा, स्वच्छ गतिशीलता, सार्वजनिक परिवहन, जल संरक्षण तथा कृषि स्थिरता में हुई अभूतपूर्व प्रगति का विवरण दिया।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं, अक्षय ऊर्जा वृद्धि (सौर, पवन), प्रमुख पर्यावरण योजनाओं (पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, कुसुम योजना) और अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण मंचों के संबंध में यूपीएससी, एसएससी और राज्य-पीएससी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण।
सरल शब्दों में
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में "पर्यावरण और जलवायु गतिकी का भविष्य" अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि भारत का प्राचीन सांस्कृतिक ज्ञान इसके आधुनिक जलवायु समाधानों को आकार देता है, और यह इंगित किया कि विकसित देश भारत की तुलना में प्रति व्यक्ति छह गुना तक अधिक कार्बन उत्सर्जित करते हैं, जबकि विकासशील देशों को अनुचित रूप से दोषी ठहराया जाता है।
पिछले एक दशक में, भारत ने अपनी सौर क्षमता को 2 गीगावॉट से बढ़ाकर 160 गीगावॉट से अधिक कर लिया है, समय से पहले अपने COP-21 प्रतिबद्धताओं को पूरा किया है, देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन लॉन्च की है, ईवी बिक्री में भारी वृद्धि की है, व्यापक मेट्रो नेटवर्क का विस्तार किया है, अमृत सरोवरों के माध्यम से जल संरक्षण को बढ़ावा दिया है, और प्राकृतिक खेती तथा कचरे से कंचन पहलों को आगे बढ़ाया है।
मुख्य बिंदु
- “पर्यावरण और जलवायु गतिकी का भविष्य” अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन नई दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया।
- विकसित देश भारत की तुलना में प्रति व्यक्ति छह गुना तक अधिक कार्बन उत्सर्जित करते हैं।
- सौर क्षमता 12 साल पहले के महज 2 गीगावॉट से बढ़कर आज 160 गीगावॉट से अधिक हो गई है।
- पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 80,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता से 50 लाख से अधिक घरों का सौरीकरण किया गया है।
- भारत ने देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन लॉन्च की है, जो दुनिया की सबसे लंबी ट्रेन भी है।
- इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 2014 से पहले तीन हजार से कम थी जो पिछले वर्ष लगभग 25 लाख हो गई।
- कैच द रेन अभियान के तहत 70,000 से अधिक अमृत सरोवर और 1.5 करोड़ वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण किया गया है।
- पिछले 12 वर्षों में अत्यंत सघन वन आवरण में 22 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।
परीक्षा दृष्टिकोण
𝕏 Official Update
A. पर्यावरण और जलवायु गतिकी का भविष्य (The Future of Environment and Climate Dynamics)
Source: Press Information Bureau