सतह कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजना संवर्धन योजना: मंत्रालय ने आवेदनों पर स्थिति स्पष्ट की
कोयला मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि मीडिया की उन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है जिनमें कहा गया था कि ₹37,500 करोड़ की सतह कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजना संवर्धन योजना को कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। मंत्रालय ने कहा कि पहले दौर के आवेदन की अंतिम तिथि 7 सितंबर 2026 तक खुली है और टल्चर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड तथा एनटीपीसी लिमिटेड ने अपने आवेदन जमा कर दिए हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह प्रेस विज्ञप्ति सरकारी योजनाओं, ऊर्जा नीति और कोयला मंत्रालय से संबंधित करंट अफेयर्स के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में उपयोगी है।
सरल शब्दों में
कोयला मंत्रालय ने उन खबरों का खंडन किया जिनमें कहा गया था कि ₹37,500 करोड़ की सतह कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण योजना को कोई आवेदक नहीं मिला है। मंत्रालय ने बताया कि आवेदन का पहला दौर 7 सितंबर 2026 तक खुला है, इसलिए इस समय कोई भी निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
इसके अलावा, टल्चर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड और एनटीपीसी लिमिटेड ने पोर्टल के जरिए आवेदन जमा कर दिए हैं। यह योजना रोलिंग आधार पर काम करती है और इसका उद्देश्य 2030 तक 100 मिलियन टन कोयला गैसीकरण क्षमता हासिल करना है।
मुख्य बिंदु
- सतह कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजना संवर्धन योजना का कुल वित्तीय परिव्यय ₹37,500 करोड़ है।
- इस योजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 13 मई 2026 को मंजूरी दी गई थी।
- आवेदन जमा करने के लिए पहले दौर की समय सीमा 7 सितंबर 2026 है।
- टल्चर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (TFL) और एनटीपीसी लिमिटेड ने अपने आवेदन जमा कर दिए हैं।
- आवेदन दौर रोलिंग आधार पर संचालित होते हैं, जो प्रत्येक दो महीने की अवधि के लिए खुले रहते हैं।
- इस योजना का लक्ष्य 2030 तक 100 मिलियन टन कोयला गैसीकरण क्षमता हासिल करना है।
- इस पहल से लगभग 25 परियोजनाओं में ₹2.5 लाख करोड़ से ₹3 लाख करोड़ के निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
- इस योजना से लगभग 50,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
परीक्षा दृष्टिकोण
A. ₹37,500 करोड़
Source: Press Information Bureau