श्री जी. किशन रेड्डी, केंद्रीय कोयला और खान मंत्री ने भारतीय कोयला कंपनियों के लिए पहले सेक्टर-व्यापी सीएसआर फ्रेमवर्क का शुभारंभ किया; थैलेसीमिया बाल सेवा योजना और नन्हा सा दिल के तहत मील के पत्थरों का जश्न मनाया
केंद्रीय कोयला और खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने नई दिल्ली में भारतीय कोयला कंपनियों के लिए देश के पहले सेक्टर-व्यापी सीएसआर फ्रेमवर्क की शुरुआत की और थैलेसीमिया बाल सेवा योजना (TBSY) तथा 'नन्हा सा दिल' पहल के तहत हासिल मील के पत्थरों का जश्न मनाया। TBSY के तहत प्रति रोगी 10 लाख रुपये तक की सहायता से 1,050 से अधिक बोन मैरो ट्रांसप्लांट पूरे किए जा चुके हैं, जबकि 'नन्हा सा दिल' के तहत 2 लाख से अधिक बच्चों की जांच की गई है और जन्मजात हृदय दोषों के लिए 1,500 से अधिक सर्जरी की गई हैं। इस नए फ्रेमवर्क को कोयला खनन क्षेत्रों के लोगों के लाभ के लिए भारतीय कॉर्पोरेट मामलों के संस्थान (IICA) द्वारा तैयार किया गया है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह स्रोत सरकारी नीतिगत घोषणाओं, क्षेत्र-विशिष्ट फ्रेमवर्क और प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की स्वास्थ्य देखभाल योजनाओं को कवर करता है, जो यूपीएससी, एसएससी और राज्य-पीएससी जैसी परीक्षाओं में करंट अफेयर्स के लिए प्रासंगिक है।
सरल शब्दों में
कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत वैधानिक सीएसआर के आने के बाद अपनी तरह के पहले, भारतीय कोयला कंपनियों के लिए एक व्यापक सीएसआर फ्रेमवर्क की शुरुआत की। इसे भारतीय कॉर्पोरेट मामलों के संस्थान द्वारा तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य कोयला खनन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लाभ के लिए परिणाम-उन्मुख सीएसआर का मार्गदर्शन करना है।
इस कार्यक्रम में दो स्वास्थ्य देखभाल पहलों के मील के पत्थर भी मनाए गए। थैलेसीमिया बाल सेवा योजना थैलेसीमिया और एप्लास्टिक एनीमिया के इलाज के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट हेतु प्रति रोगी 10 लाख रुपये तक देती है, जिसने 21 अस्पतालों में 1,050 से अधिक ट्रांसप्लांट पूरे किए हैं। वहीं, 'नन्हा सा दिल' ने 2 लाख से अधिक बच्चों की जांच की है और जन्मजात हृदय दोषों के लिए 1,500 से अधिक मुफ्त सर्जरी की हैं।
मुख्य बिंदु
- केंद्रीय मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने भारतीय कोयला कंपनियों के लिए पहले सेक्टर-व्यापी सीएसआर फ्रेमवर्क का शुभारंभ किया।
- व्यापक सीएसआर फ्रेमवर्क भारतीय कॉर्पोरेट मामलों के संस्थान (IICA) द्वारा तैयार किया गया है।
- थैलेसीमिया बाल सेवा योजना (TBSY) बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए प्रति मरीज 10 लाख रुपये तक की सहायता देती है।
- TBSY नेटवर्क 4 से बढ़कर 21 सूचीबद्ध अस्पतालों तक पहुंच गया है, और 1,050 से अधिक BMT पूरे कर चुका है।
- नन्हा सा दिल पहल श्री सत्य साईं स्वास्थ्य और शिक्षा ट्रस्ट के साथ साझेदारी में जन्मजात हृदय दोषों का समाधान करती है।
- नन्हा सा दिल के तहत 2 लाख से अधिक बच्चों की जांच की गई और 1,500 से अधिक मुफ्त सर्जरी पूरी की गईं।
- TBSY को थैलेसीमियास इंडिया के समन्वय से और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मार्गदर्शन में लागू किया जाता है।
- CIL की सहायक कंपनियों SECL, CCL, NCL और WCL ने नन्हा सा दिल पहल को आगे बढ़ाया है।
परीक्षा दृष्टिकोण
A. 10 लाख रुपये तक
Source: Press Information Bureau