मत्स्य पालन विभाग द्वारा स्वच्छता ही सेवा 2026 कार्यक्रम की शुरुआत के अवसर पर स्वच्छता शपथ दिलाई गई
डॉ. अभिलाक्ष लिखी ने स्वच्छता ही सेवा 2026 कार्यक्रम की शुरुआत के अवसर पर 17 सितंबर 2026 को गांधीनगर, गुजरात में स्वच्छता शपथ दिलाई। हाइब्रिड मोड में आयोजित इस कार्यक्रम में 1000 से अधिक लोगों ने भाग लिया और कार्यस्थल की स्वच्छता, लंबित मामलों को कम करने तथा पारदर्शी प्रशासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह राष्ट्रव्यापी अभियान स्वच्छ भारत मिशन के दृष्टिकोण के तहत 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह प्रतियोगी परीक्षा के उम्मीदवारों के लिए एक राष्ट्रीय घटना और सरकारी अभियान के विवरण के रूप में प्रासंगिक है, विशेष रूप से स्वच्छता ही सेवा 2026 कार्यक्रम और मंत्रालय की पहलों के संबंध में।
सरल शब्दों में
मत्स्य पालन विभाग ने 17 सितंबर 2026 को गांधीनगर, गुजरात में स्वच्छता शपथ दिलाकर स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान की शुरुआत की। सचिव डॉ. अभिलाक्ष लिखी के नेतृत्व में आयोजित इस हाइब्रिड कार्यक्रम में अधिकारियों, मछुआरों और उद्योग प्रतिनिधियों सहित 1000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।
इस शपथ में कार्यस्थल की स्वच्छता, लंबित मामलों को कम करने, कुशल रिकॉर्ड प्रबंधन और पारदर्शी, नागरिक-केंद्रित संस्थानों पर जोर दिया गया। 2 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस राष्ट्रव्यापी अभियान का उद्देश्य स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता और सामूहिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देना है।
मुख्य बिंदु
- डॉ. अभिलाक्ष लिखी ने 17 सितंबर 2026 को स्वच्छता शपथ दिलाई।
- इस आयोजन ने स्वच्छता ही सेवा 2026 कार्यक्रम की शुरुआत को चिह्नित किया।
- यह कार्यक्रम गांधीनगर, गुजरात में आयोजित किया गया था।
- हाइब्रिड मोड में 1000 से अधिक लोगों ने भाग लिया।
- राष्ट्रव्यापी स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
- इस आयोजन का उद्देश्य स्वच्छता को बढ़ावा देना, लंबित मामलों को कम करना और पारदर्शी प्रशासन को बढ़ावा देना था।
- प्रतिभागियों में अधिकारी, मछुआरे, मछली किसान, महिला मछली पालक, मत्स्य सहकारी समितियां और उद्योग प्रतिनिधि शामिल थे।
- यह अभियान स्वच्छ भारत मिशन के दृष्टिकोण के तहत संचालित होता है।
परीक्षा दृष्टिकोण
A. 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026
Source: Press Information Bureau