श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह के दौरान पीएम के संबोधन का पाठ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह को संबोधित किया, जिसमें संस्थान की 100 साल की यात्रा और इसके एलुमनी की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने 2013 की आर्थिक और सुरक्षा चुनौतियों, जब भारत 'Fragile Five' में शामिल था, की तुलना देश की वर्तमान वृद्धि, गतिशील नीतियों और मजबूत विनिर्माण क्षेत्र से की। उन्होंने रक्षा उत्पादन, जनधन योजना के माध्यम से वित्तीय समावेशन और तीव्र रेलवे विद्युतीकरण में सरकार के निर्णायक कदमों पर जोर दिया और युवाओं से परामर्श, प्रौद्योगिकी और उद्योग में वैश्विक नेतृत्व का लक्ष्य रखने का आग्रह किया।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह भाषण प्रतियोगी परीक्षाओं के करंट अफेयर्स, आर्थिक विकास के आंकड़ों (जैसे 7.8% तिमाही वृद्धि, क्रेडिट रेटिंग अपडेट), जनधन योजना जैसी प्रमुख सरकारी योजनाओं और भारत के रक्षा विनिर्माण और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े प्रश्नों के लिए प्रासंगिक है।
सरल शब्दों में
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के 100 वर्ष पूरे होने पर इसके इतिहास और सफल पूर्व छात्रों को याद करते हुए शताब्दी समारोह मनाया। उन्होंने 2013 की कठिन स्थिति—जो उच्च मुद्रास्फीति, नीतिगत अक्षमता और 'Fragile Five' में गिनती से जुड़ी थी—की तुलना आज की मजबूत अर्थव्यवस्था, 7.8% की तिमाही वृद्धि और बढ़ते वैश्विक रसूख से की।
जनधन योजना जैसे सुधारों, रक्षा विनिर्माण में भारी वृद्धि और तेज रेलवे विद्युतीकरण पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने छात्रों को बड़े सपने देखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने युवा पीढ़ी से वैश्विक कंपनियां बनाने, प्रौद्योगिकी में नवाचार करने और भारत को एक विकसित तथा आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने में योगदान देने का आह्वान किया।
मुख्य बिंदु
- SRCC अपना शताब्दी (100 वर्ष) समारोह मना रहा है।
- 2013 में उच्च मुद्रास्फीति और नीतिगत अक्षमता के कारण भारत को 'Fragile Five' का हिस्सा माना जाता था।
- भारत की हालिया तिमाही आर्थिक वृद्धि 7.8% दर्ज की गई है।
- पिछले 12 वर्षों में जनधन योजना के कारण लगभग 60 करोड़ नए बैंक खाते खोले गए हैं।
- भारत का रक्षा उत्पादन लगभग 2 लाख करोड़ रुपये है, और निर्यात लगभग 40,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
- भारत से मोबाइल फोन का निर्यात 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
- पिछले 90 वर्षों में 30% से कम की तुलना में 12 वर्षों में रेलवे लाइनों का विद्युतीकरण लगभग 100 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
- प्रधानमंत्री ने P2G2 (प्रो-पीपल गुड-गवर्नेंस) की अवधारणा का उल्लेख किया।
परीक्षा दृष्टिकोण
A. लगभग 40,000 करोड़ रुपये
Source: Press Information Bureau