सरकार की प्रमुख योजनाओं के कारण बेरोजगारी दर 6% से घटकर 3.2% हुई: केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश भर में 45 स्थानों पर आयोजित 20वें रोजगार मेले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिस्सा लिया और 51,000 से अधिक नवनियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने चेन्नई में आयोजित रोजगार मेले में भाग लिया और बताया कि सरकारी पहलों के परिणामस्वरूप बेरोजगारी दर 6 प्रतिशत से घटकर 3.2 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने स्टार्टअप्स की संख्या में वृद्धि और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की भूमिका पर भी जोर दिया।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
इस प्रेस विज्ञप्ति में रोजगार और शासन से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े शामिल हैं, जो सरकारी योजनाओं, बेरोजगारी दरों और स्टार्टअप विकास के संबंध में प्रतियोगी परीक्षाओं में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
सरल शब्दों में
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 45 स्थानों पर आयोजित 20वें रोजगार मेले में वर्चुअल रूप से भाग लिया और 51,000 से अधिक नए युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने चेन्नई में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया और विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और निकायों में शामिल होने वाले 285 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र बांटे।
मंत्री ने मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी प्रमुख योजनाओं का श्रेय देते हुए बताया कि इनसे बेरोजगारी दर 6% से घटकर 3.2% हो गई है। इसके अलावा 2014 में लगभग 400 से बढ़कर स्टार्टअप्स की संख्या 2.5 लाख से अधिक हो गई है। उन्होंने नए सरकारी कर्मचारियों से ईमानदारी और जवाबदेही के साथ देश की सेवा करने का आग्रह किया।
मुख्य बिंदु
- प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 20वें रोजगार मेले में भाग लिया।
- 51,000 से अधिक नवनियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।
- यह कार्यक्रम देश भर के 45 स्थानों पर आयोजित किया गया था।
- डॉ. एल. मुरुगन ने डी.जी. वैष्णव कॉलेज, चेन्नई में 285 नियुक्ति पत्र वितरित किए।
- बेरोजगारी दर 6 प्रतिशत से घटकर 3.2 प्रतिशत हो गई है।
- देश में स्टार्टअप्स की संख्या 2014 में लगभग 400 से बढ़कर 2.5 लाख से अधिक हो गई है।
- रोजगार मेलों के माध्यम से अब तक 12.75 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र बांटे जा चुके हैं।
- तमिलनाडु में नवोदय विद्यालय वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करते हैं।
परीक्षा दृष्टिकोण
A. 3.2 प्रतिशत
Source: Press Information Bureau