केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने नई दिल्ली में जेआईसीए के सहयोग से 'प्रभावी वन प्रबंधन परियोजना के लिए क्षमता संवर्धन' पर कार्यशाला का शुभारंभ किया
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने आज नई दिल्ली में जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) के सहयोग से आयोजित 'प्रभावी वन प्रबंधन परियोजना के लिए क्षमता संवर्धन' कार्यशाला का शुभारंभ किया। 2025-26 से 2031-32 तक चलने वाली इस परियोजना का कुल परिव्यय 53.10 करोड़ रुपये है, जिसका उद्देश्य फ्रंटलाइन वन कर्मियों को प्रशिक्षित करना और आधुनिक पर्यावरण चुनौतियों का समाधान करना है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह प्रेस विज्ञप्ति प्रतियोगी परीक्षा के उम्मीदवारों के लिए प्रासंगिक है क्योंकि यह भारत और जापान के बीच एक प्रमुख द्विपक्षीय पर्यावरण पहल, प्रमुख वित्तीय आवंटन, कार्यान्वयन समयसीमा और वन अग्नि प्रबंधन व जलवायु कार्रवाई जैसे रणनीतिक फोकस क्षेत्रों पर प्रकाश डालती है।
सरल शब्दों में
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने नई दिल्ली में प्रभावी वन प्रबंधन परियोजना के लिए क्षमता संवर्धन कार्यशाला का शुभारंभ किया। जेआईसीए के सहयोग से आयोजित यह परियोजना 2025-26 से 2031-32 तक चलेगी और इसका कुल परिव्यय 537.10 करोड़ रुपये है।
इस परियोजना का उद्देश्य फ्रंटलाइन वन कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना, अनुसंधान में सुधार करना और जंगल की आग तथा जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटना है। इसमें डिजिटल परिवर्तन, आजीविका सृजन और भारतीय व जापानी अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग शामिल है।
मुख्य बिंदु
- केंद्रीय पर्यावरण मंत्री श्री भूपेंद्र यादव द्वारा नई दिल्ली में शुभारंभ किया गया।
- जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) के सहयोग से आयोजित।
- परियोजना की अवधि: 2025-26 से 2031-32 (सात वर्ष)।
- कुल परियोजना परिव्यय: 537.10 करोड़ रुपये (जेआईसीए का योगदान: 440.42 करोड़ रुपये; भारत सरकार का हिस्सा: 96.68 करोड़ रुपये)।
- बदलती वन और वन्यजीव प्रबंधन आवश्यकताओं के लिए फ्रंटलाइन वन कर्मियों की क्षमता को बढ़ाना।
- वन अग्नि प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण, जलवायु कार्रवाई, लकड़ी के परिवर्तन और डिजिटल परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित करना।
- भारत के सभी राज्यों को शामिल करना, नए भाग लेने वाले राज्यों को प्राथमिकता देना।
- भारत और जापान के बीच लगभग तीन दशकों की लंबी वानिकी साझेदारी पर आधारित, जिससे 7 लाख से अधिक लोगों को लाभ हुआ है।
परीक्षा दृष्टिकोण
A. 537.10 करोड़ रुपये
Source: Press Information Bureau