केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने गोवा की राजधानी पणजी में नारकोटिक्स कंट्रोल पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया
केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने गोवा के पणजी में नारकोटिक्स कंट्रोल पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आंतरिक सुरक्षा में सुधार और नशीली दवाओं की तस्करी पर लगाम लगाने की प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने सरकार की व्यापक रणनीतियों का विवरण दिया, जिसमें चार-स्तरीय एनसीओआरडी तंत्र, भगोड़ों को ट्रैक करने के लिए 'भारतपोल' (BHARATPOL) और ड्रग्स के खतरे को खत्म करने के उद्देश्य से जुलाई 2026 से जुलाई 2029 का नया तीन वर्षीय रोडमैप शामिल है। इस अवसर पर गोवा के मुख्यमंत्री श्री प्रमोद सावंत भी उपस्थित थे।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
इस प्रेस विज्ञप्ति में आंतरिक सुरक्षा मानकों, नशीली दवाओं की जप्ती, प्रत्यर्पण के आंकड़ों और नए आपराधिक कानूनों से संबंधित तथ्यात्मक डेटा शामिल है, जिसे करेंट अफेयर्स और सरकारी प्रशासन का परीक्षण करने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछा जा सकता है।
सरल शब्दों में
केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आंतरिक सुरक्षा प्रगति और मादक पदार्थों के विरोधी प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए गोवा के पणजी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद, नक्सलवाद और पूर्वोत्तर के उपद्रवों में भारी गिरावट के साथ-साथ 'भारतपोल' प्रणाली का उपयोग करके भगोड़ों के सफल प्रत्यर्पण का उल्लेख किया।
ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई का विवरण देते हुए, गृह मंत्री ने कहा कि 2004-2014 की अवधि की तुलना में 2014 के बाद से ड्रग्स की जब्ती और विनिष्टीकरण में काफी वृद्धि हुई है। उन्होंने प्रवर्तन, सिंथेटिक ड्रग नियंत्रण, मांग में कमी और क्षमता निर्माण - इन चार स्तंभों के आधार पर 2026 से 2029 तक एक लक्षित तीन वर्षीय रोडमैप की घोषणा की, जिसका अंतिम लक्ष्य 2047 तक नशामुक्त भारत बनाना है।
मुख्य बिंदु
- केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री श्री प्रमोद सावंत की उपस्थिति में गोवा के पणजी में नारकोटिक्स कंट्रोल पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।
- वर्ष 2019 से जुलाई 2026 के बीच 36 देशों से 274 भगोड़ों का प्रत्यर्पण किया गया है, जिसमें 'भारतपोल' प्रणाली ने सहायता की है।
- नए आपराधिक कानूनों को लागू करने के बाद गोवा ने दर्ज एफआईआर में अपनी दोषसिद्धि दर (conviction rate) को बढ़ाकर 53.2 प्रतिशत कर लिया है।
- वर्ष 2014 से 2026 के बीच, 1 करोड़ 19 लाख किलोग्राम से अधिक नशीली दवाएं जब्त की गईं, जिनका मूल्य लगभग ₹1 लाख 89 हजार करोड़ है।
- वर्ष 2019 में चार-स्तरीय एनसीओआरडी (NCORD) तंत्र की स्थापना की गई थी, जिसके तहत कई शीर्ष, कार्यकारी, राज्य और जिला स्तरीय बैठकें आयोजित की गई हैं।
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए 46 देशों के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
- जुलाई 2026 से जुलाई 2029 तक के तीन वर्षीय रोडमैप को मिशन मोड में घोषित किया गया है, जो चार प्रमुख स्तंभों पर टिका है।
- नशा मुक्ति केंद्रों की संख्या को तिगुना कर 1,751 करने की योजना है, और 30 दिनों के भीतर फोरेंसिक रिपोर्ट प्राप्त करने की व्यवस्था की जाएगी।
परीक्षा दृष्टिकोण
A. भारतपोल (BHARATPOL)
Source: Press Information Bureau