केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि RISE कॉन्क्लेव भारत के टियर-2 और टियर-3 स्टार्टअप पावरहाउस पर प्रकाश डालता है
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कोलकाता में 6वें RISE कॉन्क्लेव 2026 में टियर-2 और टियर-3 शहरों के स्टार्टअप्स की बढ़ती ताकत पर प्रकाश डाला। उन्होंने वैज्ञानिक अनुसंधान को उद्योग से जोड़ने पर जोर दिया ताकि स्वदेशी तकनीकों को होल-ऑफ-साइंस दृष्टिकोण के तहत प्रयोगशालाओं से बाजार तक पहुँचाया जा सके। इस आयोजन में 4M फ्रेमवर्क का प्रदर्शन किया गया और समझौता ज्ञापनों (MoUs), प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और उद्योग चर्चाओं के माध्यम से साझेदारियों को बढ़ावा दिया गया।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह प्रेस विज्ञप्ति विज्ञान, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता से जुड़ी सरकारी पहलों जैसे RISE कॉन्क्लेव, ANRF और RDI फंड पर नजर रखने वाले प्रतियोगी परीक्षा के उम्मीदवारों के लिए उपयोगी है।
सरल शब्दों में
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कोलकाता में 6वें RISE कॉन्क्लेव 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के 50 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप टियर-2 और टियर-3 शहरों से आते हैं। उन्होंने स्वदेशी तकनीकों को प्रयोगशालाओं से बाजार तक ले जाने के लिए विज्ञान, स्टार्टअप और उद्योग को आपस में जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस कार्यक्रम में 4M फ्रेमवर्क (खनिज, औषधि, सामग्री और मशीनें) को प्रदर्शित किया गया और सरकार के होल-ऑफ-साइंस दृष्टिकोण को रेखांकित किया गया। ₹1 लाख करोड़ का अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) फंड और ANRF जैसी पहल उच्च जोखिम वाले अनुसंधान का समर्थन करती हैं, जबकि कॉन्क्लेव में कई समझौता ज्ञापनों, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और उत्पाद लॉन्च किए गए।
मुख्य बिंदु
- 6वां RISE कॉन्क्लेव 2026, 6-7 सितंबर को CSIR-IICB, साल्ट लेक, कोलकाता में आयोजित किया गया था।
- भारत के 50 से 60 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप टियर-2 और टियर-3 शहरों से संबंधित हैं।
- इस आयोजन का आयोजन संयुक्त रूप से CSIR-CGCRI, CSIR-IICB, CSIR-CMERI और CSIR-IMMT द्वारा किया गया था।
- कॉन्क्लेव 4M फ्रेमवर्क पर केंद्रित था: मिनरल्स (खनिज), मेडिसिन (औषधि), मटेरियल्स (सामग्री) और मशीन्स (मशीनें)।
- इसमें लगभग 150 स्टार्टअप और लगभग 300 स्टार्टअप प्रतिनिधि शामिल हुए।
- कार्यक्रम में आठ समझौता ज्ञापन (MoUs) और चार प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पहल शामिल थीं।
- सरकार ने ₹1 लाख करोड़ का अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) फंड स्थापित किया है।
- कॉन्क्लेव का विषय "विकसित भारत 2047 के लिए नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना" था।
परीक्षा दृष्टिकोण
A. CSIR-भारतीय रासायनिक जीव विज्ञान संस्थान (CSIR-IICB), साल्ट लेक, कोलकाता
Source: Press Information Bureau