वरुणा एलीवेेटेड कॉरिडोर: वाराणसी में विरासत, गतिशीलता और विकास का संतुलन
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वाराणसी में 10,998 करोड़ रुपये की वरुणा एलीवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी दी है, जिसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा विकसित किया जाना है। 43.218 किलोमीटर लंबी यह परियोजना वरुणा नदी के किनारे NH-31 को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ती है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे यूपीएससी, एसएससी और राज्य पीएससी के लिए करंट अफेयर्स, बुनियादी ढांचा विकास और सरकारी योजनाओं के तहत प्रासंगिक है।
सरल शब्दों में
वरुणा एलीवेटेड कॉरिडोर वाराणसी में एक 10,998 करोड़ रुपये की, 43.218 किमी लंबी परिवहन परियोजना है जिसे केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। NHAI द्वारा निर्मित, यह वरुणा नदी के साथ NH-31 को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ती है।
इसका उद्देश्य शहरी भीड़भाड़ को कम करना, यात्रा के समय को कम करना और क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देना है।
मुख्य बिंदु
- परियोजना का नाम: वरुणा एलीवेटेड कॉरिडोर
- कुल लागत: ₹10,998 करोड़
- कॉरिडो की लंबाई: 43.218 किमी
- केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी का महीना: जुलाई
- कार्यान्वयन एजेंसी: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI)
- कॉरिडोर का प्रकार: मुख्य रूप से एलीवेटेड 6/4-लेन कॉरिडोर
- डिजाइन गति: 80–100 किमी प्रति घंटा
- सिविल निर्माण आवंटन: ₹4,565.33 करोड़
परीक्षा दृष्टिकोण
A. 43.218-किमी
Source: Press Information Bureau